Follow by Email

Monday, 25 September 2017

यूँ तो हज़ारों मिले


यूँ  तो हज़ारों मिले राहोँ में हमें ,   

पर तुमसा न मिला उन हज़ारों में कहीं। 

ढूंढ़ता रहा सितारों कि चादर में तुम्हे, 

पर तुमसा सितारा न मिला कहीं। 

वक़्त,करवट लेगा ये पता था हमें ,

पर तुम्हारे आने से वक़्त थम सा गया कहीं।